सौरभ हत्याकांड की कहानी
मेरठ के सौरभ राजपूत की हत्या तब की गई जब वह अपनी पत्नी और बेटी का बर्थडे मनाने के लिए लंदन से वापस घर आया था। बता दें कि लंदन में नौकरी कर रहा ब्रह्मपुरी के इंदिरानगर की मास्टर कॉलोनी निवासी सौरभ कुमार 24 फरवरी को अपने घर लौटा। दरअसल, 25 फरवरी को उसकी पत्नी मुस्कान (26) का जन्मदिन था। इसी को मनाने के लिए वह वापस आया था, साथ ही 28 फरवरी को बेटी पीहू (5) का जन्मदिन था। उसे नहीं पता था कि जिस पत्नी के लिए उसने अपने माता-पिता का घर छोड़ दिया था वहीं अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी बर्बरता से हत्या कर देगी।
तीन मार्च की रात बदल गई कहानी
सौरभ ने दोनों का जन्मदिन धूमधाम से मनाया। इसके बाद तीन मार्च की रात यह कहानी पूरी तरह बदल गई। पड़ोसियों की मानें तो मुस्कान घर में खाना नहीं बनाती थी। ऐसे में 3 मार्च 2025 को सौरभ अलग रह रही अपनी मां रेणु द्वारा बनाए गए लौकी के कोफ्ते लेकर घर लौटा। मुस्कान ने मौके का फायदा उठाया और उस कोफ्ते को गर्म करके उसमें नशीली दवा मिला दी। जब सौरभ बेहोश हो गया तो उसने साहिल को फोन करके इंदिरा नगर में अपने किराए के घर पर बुलाया। इसके बाद जो हुआ वह बिल्कुल किसी क्राइम वाली हॉरर फिल्म जैसा था। मुस्कान और साहिल ने सो रहे सौरभ पर चाकू से ताबड़तोड़ हमले किए, उसे तब तक चाकू से वार किया जब तक कि उसकी जान नहीं निकल गई। इस बात की पुष्टि एसपी (सिटी) आयुष विक्रम सिंह ने भी की।
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शव के किए 15 टुकड़े
सौरभ की हत्या के बाद शव को बाथरूम तक घसीटते हुए ले जाया गया। साहिल ने रेजर से उसका सिर काट दिया, फिर कलाई से उसके हाथ से काट दिए गए। उनकी शुरूआती योजना शरीर को टुकड़ों में काटना, उन्हें पॉलीथीन बैग में भरना और उन्हें अलग-अलग जगहों पर बिखेरना था, लेकिन उन्होंने फिर प्लान चेंज कर लिया। दोनों ने सौरभ के धड़ को एक बैग में पैक करके डबल बेड के बॉक्स में रख दिया। इसी बेड पर मुस्कान उस रात सोई थी। यानी ऊपर बेड पर मुस्कान सो रही थी नीचे कुछ इंच की दूरी पर पति के शव के टुकड़े पड़े थे।
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प्लानिंग में किया बदलाव
इस बीच साहिल सिर और हाथों को अपने घर ले गया। और उन्हें 24 घंटे तक अपने कमरे में रखा। दोनों ने शव को ठिकाना लगाने की प्लानिंग में बदलाव किया। मुस्कान मेरठ के घंटाघर से एक बड़ा नीला ड्रम और स्थानीय बाजार से सीमेंट खरीद कर लेकर आई। दोनों ने मिलकर सौरभ के धड़ को ड्रम में डाल दिया। साहिल ने सिर और हाथ निकाल कर सीमेंट में मिला दिया और सीमेंट के घोल से उन्होंने ड्रम को सील कर दिया। आप ऐसा कह सकते हैं कि सौरभ के क्षत-विक्षत शरीर को कंक्रीट की कब्र में दफना दिया। मुस्कान अपनी पांच साल की बेटी को मायके में छोड़कर प्रेमी के साथ चार मार्च की शाम को हिमाचल घूमने चली गई। वह सौरभ बनकर उसके फोन से लोगों को जवाब देती रही। मोबाइल पर स्टेटस लगाकर परिवार को गुमराह करती रही। वापस लौटकर मुस्कान ने अपने पिता को सौरभ की हत्या करने की जानकारी दी।
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सौरभ बन रहा था बाधा
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना था कि सौरभ अपनी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल के संबंधों में बाधा बन गया था। उसे रास्ते से हटाने के लिए मुस्कान और साहिल ने वारदात को अंजाम दिया। दोनों ने मिलकर बेरहमी से सौरभ की हत्या कर दी। माना जा रहा है कि हत्या की असली वजह यही थी। मुस्कान साहिल के साथ रहना चाहती थी लेकिन सौरभ उसे तलाक नहीं दे रहा था।
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पहले से चल रही थी प्लानिंग
19 मार्च को जेल भेजे जाने से पहले कातिल मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला से घंटों पूछताछ करने के बाद पुलिस को पता चला कि नवंबर 2024 से ही हत्या की साजिश के बीज चल रही थी। केवल मौके का इंतजार था। हत्या की साजिश फुल प्रूफ हो इसके लिए मुस्कान और साहिल ने कई काम किए। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के मुताबिक, सौरभ लंदन में रहते हुए बहुत ज्यादा शराब पीने लगा था। इसीलिए मुस्कान ने पहली बार हत्या की साजिश रचते हुए सौरभ की व्हिस्की में दवा मिलाने की सोची, जो बॉडी में जाने के बाद रिएक्शन करे और सौरभ की मौत हो जाए। पुलिस को लगेगा कि ओवर ड्रिंकिंग से डेथ हुई है। इस तरह उस पर कोई आरोप भी नहीं लगेगा। पुलिस जांच में मुस्कान के मोबाइल पर ऐसी सर्च हिस्ट्री भी मिली है। मुस्कान ने इंटरनेट पर ऐसी दवाएं भी सर्च की थीं। लेकिन, सौरभ ने एक भी दिन घर में बैठकर शराब नहीं पी। ड्रिंक करने के लिए वह बार में जाता रहा। इससे मुस्कान को अपने प्लान को अंजाम देने का कभी मौका नहीं मिला। इसी बीच, सौरभ को मुस्कान और साहिल के अफेयर के बारे में पता चल चुका था। उन दोनों में काफी झगड़ा भी हुआ था। दोनों में तलाक तक की नौबत आ गई थी। लेकिन, सौरभ उसको तलाक नहीं देना चाहता था। इसलिए वह उसे समझाकर लंदन लौट गया था। पूछताछ में मुस्कान ने यह भी कहा है कि वह सौरभ के लंदन जाने की वजह से साहिल से और ज्यादा करीब हुई थी।मुस्कान ड्रग्स-चरस और गांजा का भी सेवन करती थी। एक समय में मुस्कान ने 10 किलो वजन कम कर लिया था। उस वक्त परिवार वालों को लगा था कि सौरभ के लंदन में रहने की वजह से मुस्कान का वजन कम हो गया था।
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मुस्कान पर मास्टर माइंड हाने का शक
हत्याकांड की जांच के लिए ड्रग्स विभाग की टीम भी हरकत में आ गई। टीम ने खैरनगर स्थित ऊषा मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। मुस्कान ने इसी मेडिकल स्टोर से सौरभ को बेहोश करने के लिए मिडाजोलम का इंजेक्शन खरीदा था। टीम ने मेडिकल स्टोर का एक साल का सेल्स और परचेज का रिकॉर्ड कब्जे में लिया और मेडिकल स्टोर संचालक अमित जोशी निवासी ब्रह्मपुरी से पूछताछ की। जांच में पता चला कि 22 फरवरी 2025 को मुस्कान ने खुद को डिप्रेशन में बताकर पर्चे पर नींद की गोली लिखवाई थीं। जिस डॉक्टर ने पर्चा बनाया, पुलिस ने उसके भी बयान लिए थे। डॉक्टर ने नींद की गोली नहीं लिखने की बात कही थी। सामने आया था कि मुस्कान ने गूगल पर सर्च कर डाक्टर के पर्चे पर स्वयं मिडाजोलम इंजेक्शन लिख लिया था। इसके बाद डॉक्टर के पर्चे को एक बुजुर्ग के साथ खैरनगर स्थित ऊषा मेडिकल स्टोर पर 22 फरवरी को इंजेक्शन लेने के लिए पहुंच गई थी। मुस्कान के साथ साहिल की खरीदारी की लिस्ट यही खत्म नहीं हुई। उन्होंने उसके बाद 800 रुपये की कीमत वाले दो मांस काटने वाले चाकू, 300 रुपये का एक रेजर और पॉलीथीन बैग खरीदा। इन सारी चीजों को फरवरी 2025 में ही खरीद ली गई थी।
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मरी हुई मां बनकर कत्ल करने को कहा
पुलिस की पूछताछ में पता चला है, मुस्कान जानती थी कि साहिल ज्योतिष, भाग्य और कर्मकांड में गहरा विश्वास रखता है। साहिल के नाना बड़े एस्ट्रोलॉजर थे। बचपन से साहिल ज्योतिष, भाग्य और कर्मकांडी क्रियाओं को देख रहा था। मुस्कान ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि साहिल की मां ज्योति की बीमारी से 18 साल पहले मौत चुकी थी। साहिल को लगता था कि मां की आत्मा घर में मौजूद है। यही वजह है कि साहिल के बड़े भाई आशीष लंदन और दिव्यांशु दिल्ली शिफ्ट हो गए, लेकिन साहिल इसी घर में ही रहा। साहिल फर्स्ट फ्लोर के एक कमरे में रहता था। ग्राउंड फ्लोर पर उसकी नानी प्रेमवती रहती थी। बाकी पूरा घर किराए पर उठा दिया था। साहिल ने अपने आसपास के माहौल को ऐसा ही बना रखा था, जैसे उसकी मां की आत्मा उसी घर में रहती हो। पुलिस के अनुसार, आरोपी पत्नी मुस्कान ने स्नैप चैट पर एक फर्जी आईडी बनाई थी। जिसमें उसने साहिल को बताया कि सौरभ का वध करना होगा। वह यही समझ रहा था कि मेरी मां मुझसे मरने के बाद भी बात करती है। वह चाहती हैं कि मैं मुस्कान से शादी कर लूं। मुस्कान के मुताबिक, मेरे और साहिल के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं। इसी का फायदा उठाकर बहुत आसानी से साहिल को सौरभ की हत्या के लिए तैयार कर लिया। मुस्कान ने अपने दोस्तों से ऐसी जगह के बारे में पूछा था, जहां पूजा करने के बाद सामान दबाया जा सके।
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हत्याकांड से उठ रहें सवाल
परिजनों के आरोपों की मानें तो सौरभ बचपन से चंचल स्वभाव होने के साथ पढ़ाई में होशियार था। सबसे छोटा होने के कारण सबका लाडला भी था। मुस्कान के नाना ज्योतिषी थे, वह अक्सर उनके घर जाती थी। इसी दौरान सौरभ और मुस्कान की मुलाकात और दोस्ती हो गई। तब 13 साल के रहे सौरभ को पहली नजर में मुस्कान भा गई। पांच साल तक एक-दूसरे के प्यार में रहने के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला लिया। नाबालिग होने की वजह से इजाजत नहीं मिली। सौरभ पढ़ाई में लग गया। मर्चेंट नेवी का कोर्स किया। इसी दौरान शिप कंपनी में नौकरी लग गई। परिजनों के अनुसार सौरभ 2016 में घर आया हुआ था। इसी दौरान सौरभ और मुस्कान घर छोड़कर चले गए। तब शिकायत पर पुलिस दोनों को तलाश कर लाई थी। परिवार के समझाने पर भी दोनों नहीं माने। तीन महीने बाद फिर लापता हो गए। इस बार तीन दिन बाद वापस आ गए। सौरभ मुस्कान को छोड़ना नहीं चाहता था। 2016 में बालिग होने पर दोनों फिर से घर से चले गए, इस बार शादी करके लौटे। परिवार ने सौरभ की खुशी के लिए अपना लिया। छह महीने ससुराल में रहने के बाद मुस्कान परिवार में झगड़ा करती थी। परिवार को जेल भिजवाने की धमकी देकर डराने धमकाने लगी। इस पर पिता ने घर से बेदखल कर दिया। सौरभ किराए पर मकान लेकर रहने लगा। सौरभ 2023 से नौकरी की वजह से विदेश में था। इसी साल उसने मर्चेंट नेवी की अपनी जॉब छोड़ दी। इसके बाद वह लंदन की बेकरी में नौकरी करने लगा। जब सौरभ घर से बाहर था तभी स्कूल के दोस्त रहे साहिल शुक्ला से मुस्कान की नजदीकी बढ़ गई थी। ऐसे में देखा जाए तो मुस्कान न केवल विवाह जैसे पवित्र बंधन, साते फेरों की सभी रस्मों को कलंकित किया बल्कि जिस प्यार के खातिर वह किसी भी हद तक जाने को तैयार थी उसकी निर्ममता से हत्या कर दी। यह घटना दिखाती है कि कैसे बेवफाई, लालच और साजिश ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। अब मुस्कान और साहिल जेल की सलाखों के पीछे हैं।
Rajneesh kumar tiwari